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कार्गो ढुलाई की राह आसान करेगा जेवर एयरपोर्ट

Posted on Jun 27 2019

ग्रेटर नोएडा: जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट सामान (कार्गो) की ढुलाई में आइजीआइ को कड़ी टक्कर देगा। आइजीआइ एयरपोर्ट से विदेशों को भेजे व आने वाले कार्गो का सबसे बड़ा हिस्सा गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद का है। जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद कार्गो की ढुलाई यहां से होगी। इससे विदेशों को सामान भेजने व मंगाने वालों को फायदा तो होगा ही, रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास ही हवाई जहाजों का मेंटीनेंस, रिपेयर व ओवरहॉलिंग का केंद्र भी प्रस्तावित है।

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 2022-23 में यात्री सेवाओं की शुरुआत होने की उम्मीद है। इसके साथ ही एयरपोर्ट कार्गो की ढुलाई के लिहाज से भी अहम होगा। दिल्ली एनसीआर में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां हैं। इनमें तैयार उत्पाद विदेशों को निर्यात होता है। अभी तक कार्गो की ढुलाई आइजीआइ एयरपोर्ट से होती है। जेवर एयरपोर्ट के लिए तैयार कराई गई टेक्नीकल इकोनॉमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट के अनुसार आइजीआइ एयरपोर्ट से भेजे जाने वाले कुल कार्गो का 51 फीसद हिस्सा गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद का है। जेवर एयरपोर्ट से संचालन शुरू होने के बाद दोनों जिलों से भेजे जाने वाला कार्गो यहां शिफ्ट हो जाएगा। आइजीआइ एयरपोर्ट तक कार्गो को पहुंचाने में होने वाली दिक्कत, भाड़ा अधिक पड़ने की वजह से जेवर एयरपोर्ट को तवज्जो मिलेगी। वहीं एनसीआर के दूसरे औद्योगिक शहरों से भी जेवर एयरपोर्ट की बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से उनका कार्गो भी यहां आने की अधिक उम्मीद रहेगी।

इसका सीधा फायदा स्थानीय लोगों को भी मिलेगा। कार्गो आदि की ढुलाई के लिए रोजगार का सृजन होगा। उल्लेखनीय है कि जेवर एयरपोर्ट का शुरुआत में कार्गो एयरपोर्ट के रूप में प्रस्ताव तैयार हुआ था। बाद में इसे यात्री एयरपोर्ट में बदला गया था।

इन देशों से मंगाए व भेजे जाते हैं उत्पाद

आइजीआइ एयरपोर्ट से सबसे अधिक कार्गो अमेरिका, यूरोप के देशों, मध्यपूर्व एशिया, दक्षिण एशिया, पूर्व एशिया को भेजा जाता है। इसके अलावा चीन का सामान सबसे अधिक यहां उतरता है। भेजे जाने वाले उत्पाद में इलेक्ट्रानिक्स, इलक्ट्रीकल, चमड़ा, कपड़ा, फार्मेसी, खिलौने, हस्त शिल्प, मशीनरी का सामान आदि शामिल है।

उद्योगों की स्थापना में आएगी तेजी

गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद खिलौने, कपड़ा, इलेक्ट्रानिक्स आदि उत्पाद का हब है। इसलिए इन दोनों जिलों को खास फायदा होगा। अपेक्षाकृत कम लागत में उत्पाद का निर्यात किया जा सकेगा। गौतमबुद्ध नगर के यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में टेक्सटाइल क्लस्टर प्रस्तावित है। इसमें करीब दो सौ इकाई स्थापित होंगी। इसके अलावा देश में स्थापित होने वाली मोबाइल फोन उत्पादन इकाइयों में से अधिकतर ने गौतमबुद्ध नगर को ही चुना है।

बीआरओ भी बनेगा कमाई व रोजगार का जरिया

जेवर एयरपोर्ट के लिए पांच हजार हेक्टेयर जमीन आरक्षित है। इसमें एयरपोर्ट के अलावा हवाई जहाज की मेंटीनेंस, रिपेयर, ओवर हॉलिंग का केंद्र भी प्रस्तावित है। अभी तक देश में हैदराबाद व नागपुर में ही यह सुविधा है। लेकिन दोनों ही जगह पर छोटे व काफी कम जहाजों के लिए बीआरओ की सुविधा है। एयरबस व बोइंग आदि मेंटीनेस के लिए कोलंबो का रुख करते हैं। इससे खर्च काफी अधिक बढ़ जाता है। जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र में बीआरओ की सुविधा से हवाई सेवाओं का संचालन करने वाली कंपनियों के खर्च एवं समय की बचत होगी। वहीं बीआरओ रोजगार सृजन के लिए भी अहम साबित होगा।

Courtesy:- https://epaper.jagran.com/epaper/27-jun-2019-241-noida-edition-noida-page-17.html#

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