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स्विस कंपनी ज्यूरिख को जेवर एयरपोर्ट के निर्माण व संचालन का जिम्मा, अडानी ग्रुप पिछड़ा

Posted on Nov 30 2019

ग्रेटर नोएडा : दिल्ली-एनसीआर के तीसरे और देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट के रूप में विकसित होने वाले जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण एवं संचालन का जिम्मा स्विट्जरलैंड की कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को मिला है। जेवर एयरपोर्ट के लिए शुक्रवार को खोली गई वित्तीय बोली में ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी ने प्रति यात्री सबसे अधिक 400.97 रुपये की बोली लगाई। अडानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड 360 रुपये की बोली के साथ दूसरे नंबर पर रही। जेवर एयरपोर्ट चार चरणों में विकसित होगा। इस एयरपोर्ट से 2023-24 में व्यावसायिक उड़ान शुरू करने का लक्ष्य है।

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए चार कंपनियां- ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी, अडानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड, दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआइएएल) व एंकरेज इन्फ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट होलिं्डग्स लिमिटेड मैदान में थीं। ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी ने प्रदेश सरकार को प्रति यात्री 400.97 रुपये के राजस्व की बोली लगाई। अडानी इंटरप्राइजेज ने 360 रुपये, दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने 352 रुपये व एंकरेज इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट होलिं्डग्स लिमिटेड ने सबसे कम 205 रुपये प्रति यात्री की बोली लगाई। पीपीपी मॉडल पर बनने वाले जेवर एयरपोर्ट का संचालन 40 साल के लिए कंपनी को मिलेगा। सोमवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश की परियोजना निगरानी एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक होगी। प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में फाइनेंशियल बिड में सफल कंपनी के नाम पर मुहर लगाकर इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। प्रदेश सरकार जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण एवं संचालन के लिए चयनित ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी के नाम की अधिसूचना जारी करेगी।

जनवरी में हो सकता है शिलान्यास : जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनवरी में कर सकते हैं। हालांकि, एयरपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू होने में अभी वक्त लगेगा। पहले सरकार जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए चयनित कंपनी की अपनी एजेंसियों के माध्यम से जांच कराएगी। जांच एजेंसियों की क्लीन चिट के बाद ही जेवर एयरपोर्ट का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू होगा। उधर, प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि राज्य व केंद्र सरकार के अच्छे तालमेल से बीस वर्ष पुरानी परियोजना जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दो वर्षों में धरातल पर उतारने में सफलता मिली है। केंद्र सरकार ने परियोजना के लिए त्वरित फैसले किए। जमीन अधिग्रहण का कार्य तेजी से किया गया। एयरपोर्ट के विकासकर्ता के चयन के लिए बिड प्रक्रिया समय के साथ पूरी की गई।

Courtesy:- https://epaper.jagran.com/epaper/30-nov-2019-241-noida-edition-noida-page-22.html

 

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